निष्ठा का उद्देश्य कक्षा पहली से आठवीं तक के सभी शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों के बीच दक्षता का निर्माण करना: निदेशक एनसीईआरटी

रायपुर. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक श्री ऋषिकेश सेनापति ने निष्ठा एवं शिक्षक दक्षता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि निष्ठा का उद्देश्य प्रारंभिक स्तर पर कक्षा पहली से आठवीं तक के सभी शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों के बीच दक्षता का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत देश में 42 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। निष्ठा संभवतः शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी पहल है।

श्री ऋषिकेश सेनापति ने प्रतिभागियों से कहा कि बच्चों को एक अच्छा नागरिक बनाना हमारा उद्देश्य है। वर्तमान में किताबी ज्ञान लेकर अच्छे अंक प्राप्त होने पर हम खुश हो जाते हैं। आवश्यकता इस बात कि है कि समाज में दूसरों से कैसे बात करें और जिंदगी में कैसे सफलता हासिल करें। यही क्षमता विकसित करने के लिए निष्ठा कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए देशव्यापी निष्ठा एवं शिक्षक दक्षता संवर्धन कार्यक्रम का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण चार जनवरी से 10 जनवरी तक रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण नई दिल्ली के विशेषज्ञों के दो नेशनल रिसोर्स गु्रफ द्वारा आठ प्रशिक्षण कक्षों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में राज्य के लगभग 600 मुख्य स्त्रोत व्यक्ति एवं राज्य स्त्रोत व्यक्ति प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद श्री पी. दयानंद के मार्ग-निर्देशन में प्रशिक्षण में विद्यालय में स्वास्थ्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, गणित शिक्षण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विद्यालयी शिक्षा में नई पहल, विद्यालय आधारित आंकलन, कला समेकित शिक्षा, व्यक्ति एवं सामाजिक गुणों का विकास सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

निष्ठा एवं शिक्षक दक्षता संवर्धन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्त्रोत समूह (एनआरजी) समूह क्रमांक-8 द्वारा एनसीईआरटी नई दिल्ली के प्रोफेसर एवं अध्यापक एवं शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. ब्रम्ह प्रकाश भारद्वाज के साथ समन्वयक प्रोफेसर शशि प्रभा, प्रोफेसर नरेश कोहली, डॉ. जितेन्द्र पाटीदार और स्त्रोत व्यक्तियों में प्रोफेसर अनिता नूना, प्रोफेसर रीटा शर्मा, प्रोफेसर प्रवीण कुमार चौरसिया, डॉ. तनु मलिक, प्रोफेसर दीपमाला और (एनआरजी) समूह क्रमांक-दो में समूह अध्यक्ष हव एनसीईआरटी की प्रोफेसर रचना गर्ग, समन्वयक मीनाक्षी खार, स्त्रोत व्यक्ति प्रोफेसर वीर पाल, प्रोफेसर सुश्री रंजना नागर, प्रोफेसर बी.एन. पण्डा, प्रोफेसर पदमा यादव, प्रोफेसर प्रितिश आचार्या सहित अन्य विषय विशेषज्ञ विभिन्न गतिविधियों और पावरपाइंट प्रेजेन्टेशन के जरिए रोचक ढंग से प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण को सफल बनाने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने सभी प्रशिक्षण कक्ष में जाकर प्रतिभागियों से सीधी चर्चा की।

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