दिल को रखना हैं दुरुस्त तो रोजाना करें योग

नई दिल्ली| इन दिनों छोटी सी उम्र में लोगों को दिल संबंधी परेशानी के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज यानी 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ड डे है। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे योग आसन बताने वाले हैं, जिन्हें आप रोजाना कर सकते हैं। ये आसन दिल स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। आइए जानते हैं।
1) ताड़ासन
दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाकर तनाव कम करता है। ताड़ासन को करने के कई फायदे हैं जैसे ये रीढ़ संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने में कारगर है। इसे नियमित तौर पर करने से ये शरीर की पॉजिशन ठीक रखता है। इसके अलावा जांघ, घुटने और एड़ियां मजबूत बनती हैं। कई बुजुर्गों और इन दिनों युवाओं में पैरों में लड़खड़ाहट की समस्या देखी गई है। ऐसे में रोजाना इस आसन को करने से ये दिक्कत दूर होती है। हालांकि अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, चक्कर, पैरों की नसों में सूजन की शिकायत हो तो इस आसन को न करें।
2) मंडुकासन
ये आसन छाती की मांसपेशियों को खोलता है, जिससे ब्लड फ्लो में धमनियों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और ब्लड प्रेशर कम होता है। ये आसन इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देकर ब्लड शुगर को सामान्य रखता है। इसके अलावा ये मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाकर तनाव का स्तर भी घटाता है। लेकिन अगर आपको घुटनों और कमर में दर्द की शिकायत हो या पेट की सर्जरी हुई हो तो मंडुकासन डॉक्टर की सलाह पर करें।
3) कटिचक्रासन
दिल संबंधी परेशानी से दूर रखता है ये आसन। इसे करने से रक्त प्रवाह स्मूद बनाता है। साथ ही ये आसन कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी लाकर हार्ट अटैक से बचा कर रखता है। अगर आप कमर और उसके आसपास के हिस्सों में जमी चर्बी घटाने का सोच रहे हैं तो ये आसन काफी असरदार है। रोजाना इसकी प्रेक्टिस करने से रीढ़ को लचीला बनाए रखने में मदद मिलती है और कब्ज की समस्या दूर होती है। ये आसन ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखता है। अगर आपके पेट का ऑपरेशन हुआ है या आपको स्लिप डिस्क की शिकायत है तो इस आसन को न करें।
4) वज्रासन
ये आसन स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ के फ्लो को घटाकर ब्लड फ्लो को स्मूद बनाता है। ये दिल की गति को भी नियंत्रित रखता है। इसे करने से जांघों और पिंडलियों की नसें-मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसे करने से पाचन तंत्र अच्छा रहता है और पीठ-पैर दर्द में आराम मिलता है। रीढ़ की हड्डी सीधी रखने में मदद करता है। अगर आपके घुटनों में दर्द है या टखने में चोट लगी हो तो वज्रासन न करें। साथ ही बवासीर के मरीज भी इस आसन को करने से बचें।

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