आरोग्य भारती ‘प्रिवेंशन बेटर देन क्योर’ की अवधारणा पर कार्य करते हुए आम लोगों को कर रहे हैं जागरूक : सुश्री उइके

राज्यपाल ने आरोग्य भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के अखिल भारती प्रतिनिधिमण्डल की बैठक का शुभारंभ किया रायपुर. राज्यपाल…

स्वतंत्रता आंदोलन के सरोकारों को अक्षुण्ण रखने के साथ ही समाज हित में सूचनाओं का रचनात्मक प्रयोग न्यू मीडिया की चुनौती :भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ’न्यू इंडिया का न्यू मीडिया’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रदेश पत्रकार यूनियन के…

देवभूमि से मातृभूमि लौटे यात्री, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, कहा इतनी त्वरित सहायता मिली, बड़ी आपदा से बचे

सुबह-सुबह भिलाई लौटे यात्रियों ने बताया मंजर, कहा आपदा की जानकारी मिलते ही अलर्ट मोड में…

फेक्ट्री से निकल रहे ट्रक ने स्कूटी सवार महिला को रौंदा,आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

गांव की ओर जाने वाली सडको पर रहता है उधोगो के वाहनों का कब्जा धरसीवां. शनिवार देर…

रायपुर में मेरठ व दिल्ली से नकली गैस रेगुलेटर मंगाकर कर रहे बिक्री

रायपुर । राजधानी में गैस सिलिंडर के नकली रेगुलेटर धड़ल्ले से बिक रहे हैं। शिकायत मिलने पर गुरुवार को खाद्य विभाग के निरीक्षकों ने ग्राहक बनकर छापेमार कार्रवाई की तो मामले का पर्दाफाश हुआ। राजधानी के नया पारा में गोलछा इंटरप्राइजेज, जय भारती स्टोर, भारत पात्र भंडार से खाद्य विभाग की टीम ने दबिश दी। यहां विभिन्न कंपनियों के नाम पर बिक रहे 196 नकली गैस रेगुलेटर जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक रायपुर में अनेक स्थानों पर बर्तन की दुकानों और गैस भट्टी बेचने वाले दुकानदारों के द्वारा अवैध रूप से मेरठ और दिल्ली से नकली रेगुलेटर बिना बिल के मंगा कर उपभोक्ताओं को बेचा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी में नकली रेगुलेटर को दिखाए जाने पर बताया गया है कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी द्वारा अधिकृत रूप से गैस एजेंसी द्वारा अपने घरेलू उपभोक्ताओं को कनेक्शन लिए जाने पर कंपनी का अधिकृत रेगुलेटर दिया जाता है, जो भारतीय मानक संस्थान के मानक अनुसार होता है। किसी भी नकली रेगुलेटर की जांच के लिए रेगुलर में लिखे नंबर की सीपीएल से जांच की जा सकती है। छापा पड़ते ही सड़क पर मिले 10 नग नकली रेगुलेटर खाद्य नियंत्रक तरुण राठौर ने बताया कि छापेमार कार्रवाई के दौरान तीन जगहों पर नकली रेगुलेटर पाया गया। इनमें 110 नग हिंदुस्तान पैट्रोलियम, 78 नग इंडियन इंडियन गैस कंपनी और भारत पेट्रोलियम के 18 नग नकली रेगुलेटर जब्त किए गए। वहीं कार्रवाई के दौरान सड़क पर अज्ञात व्यक्ति की ओर से फेके गए 10 नग हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के रेगुलेटर भी जब्त किए गए हैं। अब आगे यह होगी कार्रवाई खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तीन प्रतिष्ठानों में जांच कर घरेलू गैस कनेक्शन में उपयोग किए जाने वाले तीन कंपनियों के 196 नकली रेग्युलेटर मिलने पर द्रवित पेट्रोलियम गैस प्रदाय वितरण एवं विनियमन आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। इसके बाद कार्रवाई तय की जाएगी। बिना बिल के बिक रहे थे रेगुलेटर खाद्य नियंत्रक तरुण राठौर ने बताया कि खाद्य विभाग नकली रेगुलेटर बिना बिल के अवैध रूप से बेचे जाने की शिकायत मिली थी। इसी के आधार पर जांच की गई। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जो रेगुलेटर घर में लगाए जाते हैं उपभोक्ता को उन्हीं तीन कंपनियों से मिलता है ,जहां से वे घरेलू सिलेंडर प्राप्त करते हैं। खाद्य विभाग की टीम जिसमें सहायक खाद्य अधिकारी संजय दुबे, अरविंद दुबे, पवित्रा अहिरवार सहित खाद्य निरीक्षक सोनल चंद्राकर ,रीना साहू, संदीप शर्मा ,सुचित्रा कश्यप और मनीष यादव ने कार्रवाई की है।

विधायक का पीए बनकर वसूली करने का मामला आया सामने

छत्तीसगढ़ | के पूर्व मंत्री और वर्तमान में विधायक का पीए बनकर वसूली करने का मामला सामना आया है। आरोपित पीए के नाम से प्रदेश कई अधिकारी एवं अन्य लोगों से भी पैसे की मांग की है। इस बात की जानकारी पूर्व मंत्री के पीए को मिलने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत सिविल लाइन पुलिस में की। इसके आधार पर अज्ञात आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज उसे गिरफ्तार करने के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है। आरोपित के मोबाइल नंबर के आधार पर रायपुर ने पड़ोसी राज्य में डेरा डाल दिया है, लेकिन अभी तक आरोपित का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। गौरतलब है कि अज्ञात आरोपित स्वयं को रायपुर के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक का पीए बनकर लोगों के पास फोन पैसे की मांग कर रहा है। इसकी भनक जैसे ही पूर्व मंत्री के पीए को हुई तो उन्होंने आनन-फानन में सिविल लाइन पुलिस थाने में अपराध दर्ज कराया है। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपित की तलाश में जुट गई है। सूत्रों की मानें, तो आरोपित कई लोगों से पैसे वसूल कर चुका है। पुलिस सूत्र के मुताबिक टीम भेजी गई है, आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए सलाह दी है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल के झांसे में लोग न आया करें। किसी तरह के लालच में आकर वे ठगों के शिकार आसानी से बन जाते हैं। ऐसे किसी मामले की शिकायत होने पर तुरंत ही पुलिस को सूचना दें और शिकायत दर्ज कराएं।

दुर्ग में श्री धन्वंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स को गजब रिस्पांस; सुबह से सस्ती दवा लेने लोगों की भीड़

दुर्ग / पालिक निगम आज से जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर जेनेरिक दवा मिलने लगी।…

नैनीताल में दुर्ग-भिलाई के सभी 55 लोगों के सुरक्षित होने की सूचना

भिलाई। नैनीताल घूमने गए भिलाई-दुर्ग के सभी 55 लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। आज यह खबर जैसे ही घर वालों को मिली, सभी ने राहत की सांस ली। नैनीताल के कैंचीधाम के पास भूस्खलन के बाद तीन दिन से भिलाई दुर्ग के 55 लोग फंस हुए थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद यहां पर उनके स्वजन परेशान होने लगे थे। जिनके द्वारा जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई गई जो अंततः राहत के रूप में सामने आई है। सभी 55 लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इस समय नैनीताल के एक होटल में ठहरे हुए हैं। जिन्हें गुरुवार को नैनीताल से दिल्ली और वहां से रायपुर होते हुए भिलाई दुर्ग लाया जाएगा। दुर्ग सिंधिया नगर निवासी प्रसन्नाजीत दास ने बताया कि उनका पूरा परिवार सुरक्षित है, लेकिन जब तक वे दुर्ग उनके घर नहीं आ जाते। तब तक उन्हें चैन मिलेगा। नैनीताल पहुंचने के बाद भिलाई दुर्ग निवासी सुभना दास, रितिका दास, यामिनी सुरेंद्र ने बताया कि कैंचीधाम के समीप जहां पर भूस्खलन हुआ था वहां पर वे फंसने के बाद काफी परेशान होने लगे। उनके सामने और पीछे जाने के लिए कोई मार्ग नहीं था। ऐसी स्थिति के बाद वह सब काफी परेशान होने लगे। कहीं से भी किसी का संपर्क ना होने की वजह से उन्हें जान जाने का खतरा लग रहा था। सोमवार शाम से फंसे इन लोगों को खाने पीने के लिए कुछ नहीं मिला। भूखे प्यासी 44 महिलाएं, छह बच्चों के समक्ष भारी संकट खड़ा हो गया था। भिलाई निवासी यामिनी ने बताया कि कैची धाम से किसी तरह वे लोग नैनीताल बस स्टैंड स्थित होटल में पहुंच गए ,लेकिन उनके लिए खाने की कोई व्यवस्था नहीं थी । पैसे भी नहीं होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो दिनों से भूखे प्यासे होने के साथ जैसे ही नैनीताल पहुंचे सभी ने जमकर पानी पिया, तब जाकर सबकी प्यास बुझी और सभी ने थोड़ी राहत की सांस ली। दुर्ग के सांसद विजय बघेल से आज भी कई लोग मिले । उनके द्वारा नैनीताल में फंसे लोगों के संबंध में जानकारी मांगी गई। सांसद विजय बघेल ने नैनीताल के सांसद और गृह राज्य मंत्री अजय भट्ट से चर्चा कर वस्तु स्थिति की जानकारी ली और स्वजनों को बताया कि सभी सुरक्षित हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सभी की सहायता करने में जुटे हुए हैं। इधर दुर्ग जिला प्रशासन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने नैनीताल जिला प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क कर वस्तु स्थिति की जानकारी ली। जिसके मुताबिक डोगरा बटालियन की मदद से रेस्क्यू कर फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।अपर कलेक्टर दुर्ग नूपुर राशि पन्नाा ने बताया कि प्रशासन लगातार नैनीताल जिला प्रशासन के संपर्क में है। सभी यात्रियों को जरूरी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। गुरुवार सुबह सभी यात्री छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे। यात्रियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति विशेष रूप से आभार जताया है। उल्लेखनीय है कि नैनीताल जिले में लगातार बारिश के कारण कई भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध हो गई थी। नैनीताल जिला प्रशासन से नैनीताल ने फंसे हुए नागरिकों को बचाने के लिए तुरंत सैन्य हस्तक्षेप का अनुरोध किया। गरमपानी खैरना क्षेत्र के पास स्थिति बहुत गंभीर है। बारिश व भूस्खलन की वजह से घाटी प्रभावित है शिप्रा नदी के अत्यधिक प्रवाह से इमारतें संकट में हैं। परिस्थिति के गंभीर होने पर प्रशासन द्वारा भारतीय सेना की रानीखेत स्थित 14 डोगरा बटालियन को राहत के लिए निवेदन किया गया। कलेक्टर नैनीताल धीराज सिंह गरबियाल द्वारा मदद के लिए डोगरा बटालियन को संदेश भेजा गया। संदेश मिलने के 30 मिनट के अंतर्गत जवान डोगरा बटालियन की रेस्क्यू टुकड़ी रानीखेत से खैरना की ओर रवाना हो गई। कम समय होने के बावजूद सेना अपने साथ बचाव से संबंधित सभी उपकरण और फंसे हुए लोगों के लिए फूड पैकेट साथ लेकर पहुंची

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का सफर होगा आसान

रायपुर  | रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का सफर आने वाले दिनों में और भी आसान होगा। रायपुर रेलवे मंडल छह महीने के भीतर 130 से 140 की रफ्तार से पटरियों पर ट्रेन दौड़ाना शुरू कर देगा। इस रफ्तार से ट्रेन चलाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। तेज रफ्तार से ट्रेन चलने से जहां यात्री अपनी मंजिल में कम समय में पहुंच जाएंगे, वहीं रास्ते में उन्हें बोर नहीं होना पड़ेगा। दरअसल, बिलासपुर-रायपुर-दुर्ग के बीच बिछाई गई पटरी को जांचने के लिए रेलवे ने सेमी हाइ स्पीड की प्रक्रिया मंगलवार और बुधवार को पूरी की। यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में भी अपनाई जाएगी। रायपुर रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग के बीच 130 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलाने के छह महीने लेट हो चुके प्रोजेक्ट की औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से शुरू की गई। बिलासपुर से एक इंजन और एक पार्सल बोगी को समान रूप से 140 की रफ्तार से दौड़ाकरण एक घंटे सात मिनट में रायपुर पहुंचाया गया। सुबह 11.12 बजे ट्रायल ट्रेन बिलासपुर से चली और दोपहर 12.19 बजे रायपुर पहुंच गई। दूसरे दिन बुधवार को भी ट्रायल किया गया। दाधापारा से 12 बजकर 29 मिनट पर छूटी पार्सल बोगी एक बजकर 38 मिनट पर रायपुर पहुंची। जबकि दुर्ग स्टेशन पर दो बजकर 23 मिनट पर पहुंची। यानि पहले दिन के मुकाबले ट्रेन दो मिनट लेट से रायपुर पहुंची। दुर्ग से बिलासपुर के बीच तीन लाइनें हैं। तीसरी लाइन नई बनाई गई है और इसी पर ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरी है। रेलवे अफसर इसे इसलिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि तीसरी लाइन पर ट्रेनों की स्पीड 160 तक करने की संभावना बन गई है। गौरतलब है कि नागपुर से दुर्ग के बीच ट्रेनों की गति 130 तक कर दी गई है। अब दुर्ग से बिलासपुर तक रफ्तार बढ़ जाने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

राज्य महिला आयोग में विभिन्न शिकायतों का निराकरण

रायपुर ।          राज्य महिला आयोग में बुधवार को विभिन्न शिकायतों का निराकरण किया गया। इसमें एक शिकायत पर आवेदिका मितानिन का कार्य करती है, जिसे अनावेदक द्वारा जादू, टोना, डायन, चुड़ैल जैसे अपशब्द कहता रहता है। इसकी शिकायत आवेदिका ने विस्तार से आयोग के समक्ष रखी है। अनावेदक के कथन से यह पता चलता है कि उसकी मां के मृत्यु का आरोप लगाकर आवेदिका को पूरे मोहल्ले में दुष्प्रचार करता रहता है। अपने बचाव में अनावेदक ने कहा कि डूमर के पेड़ से दुर्गंध आती है और सांस लेना मुश्किल है उसे काटने का आवेदन दिया हूं, और आवेदिका पेड़ को कटने से बचाना चाहती है। सभी तथ्यों को आयोग द्वारा सुना गया। इसके बाद आयोग द्वारा आवेदिका को समझाइश दिया गया कि आयोग में प्रस्तुत दस्तावेजों को लेकर पुलिस थाना पुरानी बस्ती में अनावेदक के विरूद्ध टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कराने कहा गया। सुनवाई में आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक, सदस्य शशिकांता राठौर, अनीता रावटे आदि लोग उपस्थित रहे। जनसुनवाई में 20 प्रकरण में 10 पक्षकार उपस्थित हुए और चार प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। संपत्ति विवाद एक अधिवक्ता नियुक्त एक अन्य प्रकरण में वृद्ध महिला की शिकायत गम्भीर प्रकृति का है। अनावेदक पक्ष उसकी संपत्ति के हिस्सेदार है और इसके बावजूद आवेदिका और उसकी बेटियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत उसकी बेटियों ने किया है। विवाद का कारण तेलीबांधा स्थित संपत्ति का है। इस प्रकरण में संपत्ति के मौका मुआयना के लिए आयोग ने एक अधिवक्ता को नियुक्त किया है। मौका मुआयना रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।