बीएसपी के मुख्य चिकित्सालय में 1000 क्यूबिक मीटर वेपोराइजर की स्थापना

भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने कोविड के दौरान भिलाई के इस्पात बिरादरी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निरन्तर प्रयास कर रहा है। विषेष रूप से बीएसपी के मुख्य अस्पताल में उपलब्ध 860 बेडस् में पाइप्ड ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए सभी तकनीकी प्रयासों को बखूबी अंजाम दे रहा है।

दस गुना अधिक क्षमता वाले वेपोराइजर की स्थापना-
इसी कड़ी में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जेएलएन अस्पताल व अनुसंधान केन्द्र के सभी 860 बेडस् में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिष्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सालय के लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट में दिनांक 8 जून, 2021 को एक नया 1000 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले वेपोराइजर की स्थापना की गई। इस वेपोराइजर के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलेंडर मैनीफोल्ड की भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है जो एलएमओ के बंद होने की स्थिति में सिलेंडर के माध्यम से वार्डस् के ऑक्सीजन पाइप लाइन्स में ऑक्सीजन पहुंचायेगा।

860 बेडस् में पाइप्ड ऑक्सीजन पहुंचाने की कवायद-
मेडिकल एण्ड हेल्थ सर्विसेस के महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) द्वय शाहिद अहमद एवं बलबीर सिंह के कुषल देखरेख में इस नये 1000 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले वेपोराइजर के स्थापना का कार्य सम्पन्न किया गया इसके सिविल फाउंडेषन से लेकर इसके इरेक्षन तक सभी कार्यों को बखूबी अंजाम दिया गया। विदित हो कि इससे पूर्व इस प्लांट में 100 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले वेपोराइजर का उपयोग किया जा रहा था। अस्पताल के शत-प्रतिषत 860 बेडस् में पाइप्ड ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए 1000 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले वेपोराइजर की आवष्यकता महसूस की जा रही थी। अतः बीएसपी प्रबंधन ने कोविड उपचार को बेहतर बनाने के लिए इस अधिक क्षमता वाले वेपोराइजर की स्थापना की है।

वार्ड में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने के कार्य ने पकड़ी गति-
उल्लेखनीय है कि वेपोराइजर के माध्यम से ही स्टोरेज टैंक में स्थित लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन को गैसीय ऑक्सीजन में कन्वर्ट कर पाइप के माध्यम से मरीजों के बेडस् तक पहुंचाया जाता है। इसी क्रम में अस्पताल के विभिन्न वार्डस् में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी द्रुत गति से जारी है। वर्तमान में 560 बेडस् में ऑक्सीजन पाइप बिछा दिया गया है और शेष 300 बेडस् में पाइप बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इसे जुलाई, 2021 तक पूर्ण कर दिया जाएगा। प्राथमिकता के तौर पर सबसे पहले षिषुरोग विभाग के वार्डस् की पाइपिंग की गई है।

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