खुर्सीपार में जलभराव की समस्या को लेकर रेलवे अधिकारियों से चर्चा, अतिशीघ्र निकाला जाएगा समस्या का हल

मानसून को देखते हुए निगम की तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक में कलेक्टर ने दिये निर्देश, आयुक्त ने रेलवे अधिकारियों से की चर्चा.
जलभराव को रोकने इस बार पूर्व वर्षों की तुलना में पुख्ता तैयारी, नालों के किनारे रीटेनिंग वाल बनाये गए, चौड़ीकरण भी किया गया.

दुर्ग। मानसून ने दस्तक दे दी है। अत्याधिक वर्षा की स्थिति की आशंका में निगम की तैयारियों की समीक्षा करने कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने एक अहम बैठक भिलाई निगम में ली। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि अत्याधिक वर्षा की स्थिति में जलभराव वाले इलाकों की निरंतर मानिटरिंग जरूरी है। साथ ही मौसमी बीमारियों को देखते हुए पुख्ता व्यवस्था रखनी भी बेहद आवश्यक है। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने बताया कि नालों की सफाई का व्यापक अभियान चलाया गया है। जिन नालों में हमेशा जलभराव की आशंका बनी रहती थी वहाँ रीटेनिंग वाल बनाये गए हैं। अतिक्रमण हटाते हुए नालों का चौड़ीकरण भी किया गया है। कलेक्टर ने बैठक में सभी जोन में चल रहे निर्माण कार्यों और लक्ष्यों की पूर्ति के संबंध में समीक्षा की।
खुर्सीपार में कैनाल रोड के पास रेलवे की जमीन में जलभराव के संबंध में निर्देश- जोन 3 में खुर्सीपार में कैनाल रोड के पास रेलवे की जमीन में जलभराव का विषय भी आया। यहाँ पर रेलवे की जमीन है। आयुक्त ने बताया कि यहाँ पर जलभराव होने से निगम अमले द्वारा निकासी की व्यवस्था की जाती है। कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों से चर्चा कर इसके स्थायी समाधान के लिए उनसे कहें। आयुक्त ने आज रेलवे अधिकारियों के साथ चर्चा भी की और समस्या के समाधान का प्रारंभिक खाका तैयार किया।
अधिकांश पौधे सुरक्षित, टूटे-फूटे ट्री गार्ड बदले जाएंगे- कलेक्टर ने पिछले साल पौधरोपण के अच्छे नतीजों को लेकर भिलाई निगम टीम को बधाई दी। कलेक्टर ने कहा कि पिछले साल सड़कों के किनारे जो पौधे लगाए गए थे उनमें अच्छी ग्रोथ हुई है। कुछ के ट्रीगार्ड जर्जर हो चुके हैं उन्हें बदल दिया जाए अथवा ठीक कर लिया जाए ताकि पौधे पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि जो पौधे जीवित नहीं रह सके, उनकी जगह नये पौधे लगाए जाएं।
डेंगू का आखरी केस फरवरी में वार्ड 23 में आया था, अलर्ट रहने दिये निर्देश- कलेक्टर ने डेंगू की स्थिति की समीक्षा भी की। आयुक्त ने बताया कि डेंगू नियंत्रक दल अपने कार्य में लगा हुआ है। टैमीफास का वितरण किया गया है। कलेक्टर ने पूछा कि आखरी बार डेंगू का केस कहाँ आया था। आयुक्त ने बताया कि फरवरी माह में वार्ड 23 में इसका केस आया था। डेंगू को लेकर अमला पूरी तरह सतर्क है और प्रोटोकाल के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है।
मार्निंग विजिट करते रहें- कलेक्टर ने सभी जोन आयुक्त से मार्निंग विजिट की रिपोर्ट ली। जोन आयुक्तों ने बताया कि वे सुबह साढ़े छह बजे विजिट पर निकलते हैं और हर दिन की फोटो शेयर करते हैं। कलेक्टर ने कहा कि मार्निंग विजिट बेहद जरूरी है इससे सफाई व्यवस्था की प्रभावी मानिटरिंग होती हैं साथ ही साफ सफाई को लेकर और निगम की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी उपयोगी फीडबैक जनता की ओर से मिलते रहते हैं।

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